सोजत में वैष्णव समाज (च:सं.) वेलफेयर सोसायटी द्वारा भव्य महारुद्राभिषेक, गूंजे हर-हर महादेव के जयघोष
सोजत। वैष्णव समाज (च:सं.) वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान भगवान शिव की कृपा प्राप्ति एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना से महारुद्राभिषेक का सामूहिक एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विद्वान पंडितों ने विधि-विधानपूर्वक भगवान शिव का अभिषेक कराया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर एवं पवित्र गंगाजल से अभिषेक कर समाजजनों ने परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भजन-कीर्तन एवं शिव स्तुति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
सामूहिक रुद्राभिषेक में श्री माणकचन्द दिवाकर, श्रीमती सरोज देवी पत्नी श्री जगदीश चन्द्र दिवाकर, श्रीमती पप्पू देवी पत्नी श्री माधुदास जी, श्रीमती कन्या देवी पत्नी श्री राजेन्द्र जी, श्रीमती पुष्पा देवी पत्नी श्री देवेंद्र जी वैष्णव, श्रीमती ममता देवी पत्नी श्री कमलेश वैष्णव, श्रीमती मनीषा देवी पत्नी श्री राजुदास वैष्णव, श्रीमती कंकूबाई पत्नी श्री मांगीलाल वैष्णव, श्रीमती संगीता देवी पत्नी श्री महेंद्र वैष्णव, श्रीमती विमला देवी पत्नी श्री गणपत दास वैष्णव, श्रीमती गायत्री देवी पत्नी श्री मदनदास वैष्णव, श्रीमती राधा देवी पत्नी श्री प्रवीण वैष्णव, श्रीमती सुमित्रा पत्नी श्री दिनेश वैष्णव, श्रीमती शारदा पत्नी श्री मनोहर दास वैष्णव, श्रीमती कांता देवी पत्नी श्री सोहनदास वैष्णव, श्रीमती पेपी देवी पत्नी श्री नारायणदास वैष्णव, श्रीमती मधु देवी पत्नी श्री श्यामदास वैष्णव, श्रीमती साक्षी पत्नी श्री उमेश वैष्णव, श्रीमती निशा पत्नी श्री लोकेश वैष्णव एवं श्रीमती सुशीला देवी पत्नी श्री माखनदास सहित वैष्णव समाज के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर विश्व मंगल एवं समाज कल्याण की कामना की।
अंत में महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। टेंट व्यवस्था श्री देवेंद्र वैष्णव, प्रसादी की व्यवस्था जगदीश चन्द्र दिवाकर एवं आरती की व्यवस्था माधुदास जी वैष्णव के सहयोग से संपन्न हुई।
सोसायटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सभी सहयोगियों और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया। महारुद्राभिषेक का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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