नीलकंठ महादेव मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न कल निकलेगी भव्य नगर परिक्रमा
स्वामी चेतनगिरी महाराज के सानिध्य में भागवत कथा पूर्णाहुति, महाप्रसादी व नगर परिक्रमा का आयोजन
सोजत। पुरुषोत्तम (अधिक) मास के पावन अवसर पर स्थानीय नीलकंठ महादेव मंदिर (संतोष आश्रम) में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। महामंडलेश्वर 1008 स्वामी चेतनगिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कथा के दौरान भागवत महात्म्य, ध्रुव एवं प्रह्लाद चरित्र, समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बाल लीलाएं तथा कंस वध सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। समापन दिवस पर रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान भक्ति रस में सराबोर महिलाओं ने नृत्य कर उत्साह व्यक्त किया। वहीं सुदामा चरित्र, उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण के गोलोकगमन एवं द्वारिका नगरी के जलमग्न होने के मार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
स्वामी चेतनगिरी महाराज ने द्वादश स्कंध में कलियुग के लक्षणों का वर्णन करते हुए धर्म, भक्ति और सत्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा का समापन महाआरती एवं प्रसादी वितरण के साथ हुआ।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने स्वामी चेतनगिरी महाराज का सम्मान किया। सम्मान करने वालों में मांगीलाल गहलोत (जिला मंत्री, विश्व हिंदू परिषद), मानवेन्द्र भाटी (जिला सह मंत्री, विहिप), गजेंद्र सांखला (प्रांत मिलन प्रमुख, बजरंग दल), रणजीतसिंह राजपुरोहित (प्रखंड मंत्री), माली पालीजिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी,, रतनलाल बंजारा, नुकुल कश्यप, गोरधनलाल गहलोत, लुम्बाराम तथा गणपतसिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजन की सफलता में अनेक समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। कथा समापन एवं नगर परिक्रमा के अवसर पर श्रीमती निहाल कंवर धर्मपत्नी श्री बलवंतसिंह लखावत रेन्दड़ी के सुपुत्र समाजसेवी अनोपसिंह लखावत एवं लखावत परिवार द्वारा महाप्रसादी का लाभ लिया गया।
अधिक मास के उपलक्ष्य में सोमवार को नगर परिक्रमा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है
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