हनुमान दरबार में ज्योतिष पर मंथन, गुरुजी सचिन श्रीमाली ने बताया— “वेदों का नेत्र है ज्योतिष”
सोजत। स्थानीय पुलिस थाना रोड स्थित श्रीमाली ज्योतिष शोध केंद्र में आयोजित हनुमान दरबार में ज्योतिष शास्त्र पर विशेष चर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरुजी सचिन श्रीमाली ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र आकाशीय पिंडों (ग्रहों-नक्षत्रों) की स्थिति और उनके मानवीय जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन है, जिसे “वेदों का नेत्र” कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि ज्योतिष खगोलीय गणनाओं (गणित ज्योतिष) के आधार पर जीवन की रूपरेखा, शुभ-अशुभ समय और जन्म कुंडली के माध्यम से व्यक्तित्व व भविष्य का विश्लेषण करता है, ताकि व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सके।
ज्योतिष शास्त्र की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्रीमाली ने कहा कि इसका मूल सिद्धांत नक्षत्र, 12 राशियों और नवग्रह— सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु व केतु— के अंतर्संबंधों पर आधारित है। शैक्षणिक दृष्टि से इसे तीन भागों में विभाजित किया गया है— सिद्धांत (गणित), संहिता (व्यापक परिणाम) और होरा (जन्म कुंडली व फलित)।
उन्होंने कहा कि ज्योतिष का उद्देश्य केवल भविष्य बताना नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों को समझने और सही निर्णय लेने, विशेषकर शुभ मुहूर्त के चयन में मार्गदर्शन करना है।
गुरुजी श्रीमाली देश के विभिन्न शहरों— मुंबई, बैंगलुरू, अहमदाबाद, हैदराबाद, जयपुर और जोधपुर— में ज्योतिषीय कैंप आयोजित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में कसाब को पकड़ने वाले पुलिस अधिकारी शैलेश गायकवाड़, अभिनेता अमिताभ बच्चन के आर्किटेक्ट मनीष शर्मा तथा विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव सहित कई बॉलीवुड कलाकारों और प्रसिद्ध हस्तियों की कुंडलियों का विश्लेषण किया है।
सोजत में उनका ज्योतिषीय कैंप 13 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में चेतन व्यास, राजेंद्र जोशी, प्रफुल्ल ओझा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र व्यास, अनिल हिरानी, मुकेश हिरानी, हर गोविंद अवस्थी, मनोज जोशी, वीरेन्द्र जोशी, धनपत टांक सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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