विश्व वानिकी दिवस पर परिचर्चा, वनों के संरक्षण का दिया संदेश
सोजत विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वनों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती शोभा चौहान ने कहा कि “वन हमारी भावी पीढ़ी की सुरक्षा की गारंटी हैं, इसलिए हमें वनों का संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए।” उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 21 मार्च को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 28 नवंबर 2012 के प्रस्ताव के तहत स्थापित किया था। इस दिन का उद्देश्य वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए वनों और वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा कि इस दिवस पर देशों को वृक्षारोपण जैसे स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने आमजन से भी स्थानीय स्तर पर जागरूक रहने और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र वन मंच का सचिवालय, खाद्य एवं कृषि संगठन के सहयोग से विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह दिवस पहली बार 21 मार्च 2013 को मनाया गया था।
भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेश तंवर ने कहा कि ऐसे आयोजन वनों की कटाई को रोकने और सतत वन प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी हैं। वहीं अभिनव कला मंच के सचिव चेतन व्यास ने कहा कि विश्व वानिकी दिवस वृक्षारोपण अभियानों को गति देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया।
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