सोजत बचावो संघर्ष समिति का आव्हान
सोजत, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सोजत में सड़क के मध्य बिंदू से दोनों तरफ 75 मीटर तक की दूरी तक बने आवासीय मकानत,वाणिज्यक प्रतिष्ठान,दुकानों,अस्पताल,राजकोय भवन,होटल, रेस्टोरेंट, ढाबो, कॉम्प्लेक्स, मंदिर, को अनऑथराइज की श्रेणी मानकर सात दिन में हटाने के नोटिस देने के कारण सोजत के नागरिकों की नींद हराम हो गई हे सबके परिवार में चिंता का विषय छिड़ गया हे उस परिस्थिति में “सोजत बचाओ संघर्ष समिति” का गठन कर संयुक्त रूप से संघर्ष करने का निर्णय लिया गया, विकासशील मेहंदी नगरी सोजत को खंडित होने से बचाने का एक मात्र उपाय नगरपालिका के मास्टर प्लान में चिन्हित रिंग रोड अथवा सोजत से चार किलोमीटर दूर नया बाई पास स्वीकृत करवावे तभी सोजत को बचाया जा सकता है देखा जाय तो पश्चिमी राजस्थान के सभी कस्बों शहरों को राष्ट्रीय राज मार्ग ने बाई पास बनाये हे एक मात्र सोजत शहर ही ऐसा हे जिस को चीरता हुवा नेशनल हाईवे 162 निकल रहा हे जिस में आए दिन नए बदलाव कर देने से जनता को भारी परेशानी हो रही हे इतना ही नहीं उदासीनता के कारण स्टेट हाइवे 58 भी सुकड़ी नदी से जोधपुरिया दरवाज़ा, मेला चौक, ट्रोमा अस्पताल, तहसील कार्यालय, सब जेल, सीनियर स्कूल से रेंदड़ी पुलिया होकर निकल रहा हे समय रहते सबको परेशानी पैदा कर देगी जिसके कारण स्थानीय जैकल माता मंदिर पर आवश्यक मीटिंग रखी गई जिसमे जैकल माता की पूजा अर्चना कर मिशन में सफल होने की कामना की गई साथ ही आने वाली 16 मार्च का ज्ञापन प्रदर्शन का पोस्टर विमोचन भी किया गया उस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संतों का सहयोग भी लिया जाएगा आम जनता में संचार माध्यम से सूचना संचार करने का प्रस्ताव लिया गया आज के पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में जुगल किशोर निकुम, अमित कछावा, मानवेंद्र भाटी, हेमंत सिंघवी, पारस सोलंकी, चंद्रशेखर शर्मा, आनंद भाटी, हीरासिह सांखला, ओमप्रकाश टाक, जोगेश जोशी पूर्व पार्षद, केवल राम सांखला, तरुण सांखला, प्रकाश, कुणाल, सत्यनारायण गोयल, राहूल सिगाड़िया आदि प्रबुद्जन की उपस्थिति रही जिन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा भी बनाकर घोषित की।
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